
गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर सुरक्षित मातृत्व की दी जानकारी, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण के प्रति किया जागरूक
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ : जनजातीय समुदाय में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विकासखंड छुईखदान के ग्राम दल्ली परसही स्थित बहुउद्देशीय केंद्र में स्वास्थ्य-पोषण सेवा संगम शिविर का आयोजन किया गया। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय पोषण माह एवं स्वास्थ्य-पोषण सेवा संगम कार्यक्रम के तहत आयोजित शिविर में ग्रामीणों, गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी दी गई। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया गया।
किशोरियों को स्वच्छता किट बांटी, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई
शिविर में किशोरी बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता और मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई के महत्व के बारे में बताया गया। इसके बाद उन्हें स्वच्छता किट वितरित की गई। गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोदभराई की रस्म आयोजित कर सुरक्षित मातृत्व, नियमित स्वास्थ्य जांच और पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी दी गई। स्वस्थ शिशुओं के लिए पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां भी आयोजित की गईं और किट वितरित की गईं।
छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने की सलाह
महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक प्रेमलता धुर्वे और मुकेश्वरी कंवर ने विभागीय योजनाओं और पोषण संबंधी सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में बताया।
शिशुवती माताओं को सलाह दी गई कि जन्म के बाद छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराएं। छह माह पूरे होने के बाद स्तनपान जारी रखते हुए शिशु को पूरक आहार देना शुरू करें। किशोरी बालिकाओं को संतुलित भोजन, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दी गई।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार और कुपोषण की रोकथाम पर जोर
महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी सुनील बंजारे ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार और कुपोषण की रोकथाम के लिए समुदाय में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता जरूरी है। गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों को समय पर उचित पोषण तथा स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इसका उद्देश्य स्वस्थ, सुपोषित और जागरूक समाज का निर्माण करना है।
ग्रामीणों और विभागीय अमले की रही सहभागिता
शिविर में ग्राम पंचायत के सरपंच एवं पंच, ग्रामीण, पालक, बच्चे, किशोरी बालिकाएं, गर्भवती एवं शिशुवती माताएं, मितानिन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।



