राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़/बस्तर : राजनांदगांव जिला पंचायत के पूर्व सभापति एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता विप्लव साहू ने बस्तर क्षेत्र का दौरा कर वहां के शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवेश का गहन अध्ययन किया। इस दौरान उन्होंने अकादमिक विमर्श, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा जनजातीय संस्कृति को करीब से समझने का प्रयास किया।
दौरे की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ हुई। छत्तीसगढ़ सीमा सुरक्षा बल के हिरोली केंद्र परिसर में विशेष वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। केंद्र प्रमुख रामअवतार सिंह मित्तल के नेतृत्व तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बचेली डिवीजन के सहयोग से परिसर में पौधे रोपे गए। इस अवसर पर मेजर सुरेश जंघेल एवं भारतेंद्र निषाद की सक्रिय सहभागिता रही।
दूरस्थ स्कूलों में विद्यार्थियों से किया संवाद
अध्ययन यात्रा के दौरान विप्लव साहू ने दंतेवाड़ा जिले के दूरस्थ अंचलों में स्थित कुछ शासकीय विद्यालयों का भ्रमण किया। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ समय बिताकर उनके शैक्षणिक स्तर, पठन-पाठन की व्यवस्था एवं मूलभूत ज्ञान की स्थिति को समझा। विद्यार्थियों से संवाद के दौरान व्यक्तित्व विकास, उचित मार्गदर्शन और उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक पहलुओं पर चर्चा की।
जनजातीय संस्कृति को करीब से जाना
विप्लव साहू ने बस्तर की सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों को समझते हुए क्षेत्र की विशिष्ट गोंड एवं माड़िया जनजातियों के पारंपरिक रहन-सहन, गृह निर्माण शैली, सामाजिक मान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं का भी अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा से है, जिसे संरक्षित रखते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है।
शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण को बताया विकास का आधार
विप्लव साहू ने कहा कि बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए स्थानीय स्तर पर प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करना, जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है। विकास की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें स्थानीय समाज की आवश्यकताओं, संस्कृति और प्रकृति का सम्मान बना रहे।



