KCGखास खबरछत्तीसगढ़

चिंगली में किसानों को असली-नकली कीटनाशकों की पहचान एवं सुरक्षित उपयोग का प्रशिक्षण

राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 16 अगस्त 2026// कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय के अंतर्गत केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र (सीआईपीएमसी), रायपुर एवं कृषि विभाग, खैरागढ़, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के संयुक्त तत्वावधान में खरीफ 2026-27 के अंतर्गत ग्राम चिंगली, विकासखंड खैरागढ़ में किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को असली एवं नकली कीटनाशकों की पहचान तथा कीटनाशकों के सुरक्षित, वैज्ञानिक एवं विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 50 किसानों ने भाग लिया। इसमें प्रगतिशील किसान, महिला किसान, किसान मित्र तथा कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम में डॉ. रीता प्रभाकरराव सिंगारे, वनस्पति संरक्षण अधिकारी एवं प्रभारी, सीआईपीएमसी रायपुर, डॉ. आशीष जायसवाल, सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी, कन्हैया लाल मीना, वैज्ञानिक सहायक,  ए.के. घोरमारे, एसएडीओ खैरागढ़ तथा  धर्मेंद्र सिंह वर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी खैरागढ़ उपस्थित रहे।

डॉ. रीता प्रभाकरराव सिंगारे ने किसानों को असली एवं नकली कीटनाशकों की पहचान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों से कीटनाशक हमेशा अधिकृत विक्रेता से खरीदने तथा खरीदारी के समय उत्पाद का लेबल, बैच नंबर, निर्माण तिथि एवं समाप्ति तिथि की जांच करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कीटनाशक खरीदते समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उत्पाद एवं विक्रेता की जानकारी उपलब्ध रहे।

डॉ. आशीष जायसवाल ने कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसानों को आर्थिक क्षति से बचने और फसलों में कीट नियंत्रण के लिए अनुशंसित मात्रा में ही कीटनाशकों का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने आर्थिक क्षति स्तर (ETL) के आधार पर कीटनाशक उपयोग, एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) एवं बीजोपचार के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने रासायनिक उपायों के साथ सांस्कृतिक, यांत्रिक एवं जैविक उपायों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। साथ ही फेरोमोन प्रपंच, चिपचिपे प्रपंच एवं जैव नियंत्रण कारकों के उपयोग के बारे में भी किसानों को बताया।

कन्हैया लाल मीना ने किसानों को NPSS मोबाइल एप के उपयोग की जानकारी देते हुए कीटनाशकों के सुरक्षित एवं संतुलित प्रयोग के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने कीटनाशक का छिड़काव करते समय आवश्यक सावधानियां बरतने, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने तथा निर्धारित मात्रा एवं विधि के अनुसार ही दवा का प्रयोग करने की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने कीटनाशकों के उपयोग, फसल सुरक्षा एवं कीट प्रबंधन से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने सुरक्षित, वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button