
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई : साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा चलाया जा रहा साइबर जागृति अभियान जिलेभर में प्रभावी रूप से जारी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 21 अगस्त को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर करीब 1800 विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई एवं बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया अपराध, साइबर ब्लैकमेलिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों के तरीकों की जानकारी दी। साथ ही इनसे बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की समझाइश दी गई।
पुलिस ने लोगों से कहा कि ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें। बैंकिंग या यूपीआई से संबंधित संदिग्ध कॉल और मैसेज पर तत्काल प्रतिक्रिया न दें।
डिजिटल अरेस्ट से डरने की जरूरत नहीं
जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस ने विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी से बचने की जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई, आरबीआई या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डराने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसी किसी धमकी से घबराकर पैसे ट्रांसफर न करें और तत्काल पुलिस को सूचना दें।
जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में तकनीकी जानकारी के साथ सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। पुलिस ने आमजन से स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में जागरूकता एवं सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है। साइबर जागृति अभियान के माध्यम से जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं नागरिकों को जागरूक करने का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराध से बचें।
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