
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ : जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (डीआईसी) द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत ग्राम पांडादाह में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण आधारित स्वरोजगार से जोड़ना तथा योजना के प्रावधानों एवं लाभों की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की 37 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यशाला में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के सहायक प्रबंधक श्री अर्जुन कुमार साहू ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन (PMFME) योजना के उद्देश्यों, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, बैंक ऋण, 35 प्रतिशत क्रेडिट-लिंक्ड अनुदान एवं अन्य सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से पापड़, नमकीन, पोहा, गुड़ उत्पादन, पशु, मुर्गी एवं मछली चारा, कच्ची घानी तेल, जैम, जेली, आटा चक्की, गीली दाल, मिनी राइस मिल, फ्रूट जूस, स्क्वॉश, पल्प, मुरब्बा, चिक्की, चिप्स सहित विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने उपस्थित महिलाओं से शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार स्थापित करने तथा स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यम विकसित करने का आह्वान किया। कार्यशाला के दौरान तीन प्रतिभागियों ने योजना का लाभ लेने में रुचि व्यक्त की, जिनके आवेदन नियमानुसार विभाग द्वारा तैयार कराए जाएंगे।
कार्यक्रम में योजना से लाभान्वित सफल उद्यमियों की प्रेरणादायी कहानियाँ भी साझा की गईं। बताया गया कि ग्राम साल्हेवारा के लघु कृषक महेशराम डहरिया ने पीएमएफएमई योजना के माध्यम से अपनी मिनी राइस मिल का आधुनिकीकरण कर आधुनिक मशीनरी एवं तकनीक अपनाई। इससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ी और मासिक आय में लगभग ₹10 हजार की वृद्धि हुई।
इसी प्रकार ग्राम अकरजन निवासी 32 वर्षीय अमित कुमार डहेरिया ने जनवरी 2026 में पीएमएफएमई योजना के सहयोग से “मोहित स्वीट्स” ब्रांड के तहत सोन पापड़ी निर्माण का व्यवसाय प्रारंभ किया। योजना के अंतर्गत प्राप्त वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने अपने उद्यम को सफलतापूर्वक स्थापित किया, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वर्तमान में उनके उद्यम के माध्यम से पांच स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है तथा उनकी मासिक आय लगभग ₹18 हजार है।
कार्यक्रम में सहायक प्रबंधक अर्जुन कुमार साहू ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए शासन की स्वरोजगार योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।



