
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ / छुईखदान : ग्राम पंचायतों को अधिक सशक्त, जवाबदेह एवं विकासोन्मुख बनाने की दिशा में जिला स्तर पर “विकसित भारत जी-राम-जी” विषय पर कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चन्द्रावल के निर्देश में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के दोनों विकासखंडों के ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित ग्राम पंचायत प्लान,पंचायत प्रतिनिधियों की प्रशासनिक दक्षता, नेतृत्व क्षमता तथा सुशासन के प्रति उनकी समझ को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को विकसित भारत जी-राम-जी, विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के प्रभावी निर्माण एवं क्रियान्वयन, ग्रामीण आजीविका संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता एवं सुशासन के विभिन्न आयामों की विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने ग्राम पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के संबंध में व्यवहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान पंचायतों के प्रभावी संचालन, जनभागीदारी को बढ़ावा देने, योजनाओं की सतत निगरानी, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा विकास कार्यों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। प्रतिनिधियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से योजना निर्माण, संसाधनों के समुचित उपयोग तथा ग्राम स्तर पर विकास कार्यों के कुशल संचालन के उपायों से भी अवगत कराया गया।
प्रेमचंद देवांगन, एपीओ VBGRAMG द्वारा कार्यशाला सह प्रशिक्षण में बताया गया कि सशक्त एवं सक्षम ग्राम पंचायतें ही ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनसहभागिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है। जिला स्तरीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को ग्राम विकास की नई कार्यप्रणाली, सुशासन के व्यावहारिक पहलुओं तथा जवाबदेह पंचायत व्यवस्था की अवधारणा से भी परिचित कराया गया।



