
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ : विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में जनजातीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिले में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत सिंगारपुर के ग्राम बैगापारा (तुमड़ाबोड़) में बैगा जनजाति की महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं को आजीविका के बेहतर अवसरों से जुड़ने और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से आय बढ़ाने की जानकारी दी गई।
समूह संचालन से लेकर विपणन तक की जानकारी
कलेक्टर कार्यालय के आदिम जाति विकास विभाग के निर्देशानुसार आयोजित प्रशिक्षण में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), वन विभाग और उद्योग विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों की जानकारी दी। महिलाओं को समूह संचालन, सामूहिक आजीविका गतिविधियों, लघु वनोपज के संग्रहण एवं क्रय-विक्रय, तेंदूपत्ता संग्रहण और विपणन की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही बीमा संबंधी प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें उपलब्ध सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया।
स्वरोजगार के लिए किया प्रोत्साहित
उद्योग विभाग के अधिकारियों ने महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों के बारे में प्रशिक्षण दिया। इसमें स्थानीय वन संसाधनों का बेहतर उपयोग करने, सामूहिक प्रयासों से आजीविका गतिविधियां संचालित करने और लघु वनोपज के विपणन के माध्यम से आय के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं की क्षमता बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सरपंच चंद्र कुमार वर्मा, सचिव तेजनाथ ठाकुर, लघु वनोपज प्रबंधक चंद्रेश्वर यादव, जूनियर एग्जीक्यूटिव खैरागढ़ संजय पटेल, ठाकुरटोला एवं कुम्हारवाड़ा के प्रबंधक चेतन दास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद पंचायत छुईखदान के ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर सहित वन विभाग और उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में महिलाओं, एफएलसीआरपी और ग्रामीणों ने भी भाग लिया।
जनजातीय समुदायों का आर्थिक सशक्तीकरण, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और आजीविका के अवसरों का विस्तार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


