
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 27 सितंबर 2026 : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलेभर में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को लेकर जनभागीदारी से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। सेवा संकल्प अभियान से जुड़ी इन गतिविधियों में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यू-ट्यूबर्स, कॉलेज वॉलंटियर्स, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई। जिले के पर्यटन, धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों पर श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया गया तथा प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान विभिन्न चिन्हांकित स्थलों पर कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट की सफाई, परिसर की स्वच्छता, जलस्रोतों की साफ-सफाई सहित पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां की गईं। स्थानीय नागरिकों को पर्यटन स्थलों पर कचरा नहीं फैलाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने तथा जलस्रोतों एवं प्राकृतिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। जनभागीदारी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।
खैरागढ़ विकासखंड में मां बंगाली मंदिर, चोरापानी झरना, ठाढ़ा पानी झरना, मां कर्मा भवानी मंदिर, ओटाटे बाबा मंदिर, बंजर नदी उद्गम, बैतालरानी घाटी, शिव मंदिर, राजीवली झरना, धोधरी झरना, गंगई माता मंदिर, बाघरापाठ मंदिर, नयेला झरना, नागरपाठ मंदिर, चिड़िया बांध, अमनेर नदी, घुनघुटी बांध, चौड़ा धाम, अन्नपूर्णा माता मंदिर एवं पडरिया जलाशय सहित विभिन्न पर्यटन, धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को अभियान से जोड़ा गया।
इसी प्रकार छुईखदान विकासखंड में नयेला मंदिर, चेंदी मंदिर, शिव मंदिर, मौलीकांडी मंदिर, करेला भवानी मंदिर, बांधोर बाबा, विश्ववासिनी मंदिर, महामाया मंदिर, बैतालरानी घाटी, प्रधानघाट जलाशय, नवागांव जलाशय सहित अन्य चिन्हांकित स्थलों पर स्थानीय समुदाय की सहभागिता से स्वच्छता एवं संरक्षण संबंधी गतिविधियां आयोजित की गईं।
गंडई विकासखंड में भी पर्यटन, धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को अभियान से जोड़ते हुए स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने स्वच्छता गतिविधियों में सहभागिता की। विभिन्न स्थलों पर साफ-सफाई, कचरा संग्रहण एवं परिसर को स्वच्छ बनाए रखने के साथ नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और जलस्रोतों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया।
सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचा पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अभियान में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स एवं यू-ट्यूबर्स की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण का संदेश डिजिटल माध्यम से भी लोगों तक पहुंचाया गया। पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, प्राकृतिक सौंदर्य एवं संरक्षण से संबंधित फोटो और वीडियो साझा किए गए। युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से नागरिकों से पर्यटन एवं प्राकृतिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा कचरे का उचित प्रबंधन करने की अपील की।
स्थानीय सहभागिता से प्राकृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित गतिविधियों में स्थानीय समुदाय की सहभागिता को विशेष महत्व दिया गया। ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, कॉलेज विद्यार्थियों, युवाओं एवं ग्रामीणों ने श्रमदान के माध्यम से स्वच्छता अभियान में योगदान दिया। इससे पर्यटन एवं प्राकृतिक स्थलों के प्रति स्थानीय समुदाय की जिम्मेदारी और सहभागिता को बढ़ावा मिला।
सेवा संकल्प अभियान के तहत जिलेभर में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छ पर्यटन स्थल, संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र और स्वच्छ जलस्रोत बनाने के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया। जनभागीदारी के माध्यम से जिले की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया गया।



