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लखपति दीदी अभियान में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला प्रदेश में बना मिसाल, लक्ष्य से 70.5 प्रतिशत अधिक महिलाओं को मिली आर्थिक सशक्तता

राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 22 जुलाई 2026// कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में लखपति दीदी जिला स्तरीय विभागीय समन्वय समिति की बैठक कलेक्टर  इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रेम कुमार पटेल सहित कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन, जिला उद्योग केंद्र एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारंभ में जिला परियोजना प्रबंधक राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) उमेश कुमार तिवारी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में लखपति दीदी अभियान के लक्ष्य एवं प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक के तीन वर्षीय संयुक्त लक्ष्य 12,111 के विरुद्ध जिले में 20,650 लखपति दीदी बनाई जा चुकी हैं। यह उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से 8,539 अधिक है, जो लक्ष्य की तुलना में लगभग 70.5 प्रतिशत अधिक उपलब्धि को दर्शाती है। साथ ही वर्ष 2026-29 तक आगामी तीन वर्षों में बिहान से जुड़े सभी स्व-सहायता समूह सदस्यों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 9,000 नई लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।

बैठक में बताया गया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जिले में समूह सदस्यों द्वारा नवाचार के रूप में 16 सब्जी नर्सरियां स्थापित की गई हैं। इन नर्सरियों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के सब्जी पौधे तैयार कर महिला किसानों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक इन नर्सरियों से लगभग 14 लाख सब्जी पौधे तैयार किए जा चुके हैं, जिससे महिला समूहों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

इसी प्रकार स्वर्ण उपज एफपीओ में जिले के लगभग 12 हजार स्व-सहायता समूह सदस्य शेयरधारक के रूप में जुड़े हुए हैं। वर्तमान में नाफेड के माध्यम से कृषि उपज जैसे चना एवं अरहर का समर्थन मूल्य पर क्रय किया जा रहा है, जिससे किसानों को बाजार मूल्य की तुलना में बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। स्व-सहायता समूह की महिलाएं बैंक लिंकेज एवं सस्ते ऋण की सुविधाओं का लाभ लेकर अपनी आजीविका गतिविधियों का विस्तार भी कर रही हैं।

बैठक में कलेक्टर  इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने निर्देश दिए कि समूह सदस्यों को उपलब्ध बैंक लिंकेज राशि का अधिकतम उपयोग आजीविका गतिविधियों में किया जाए। उन्होंने वनांचल क्षेत्रों में भी सब्जी नर्सरी की स्थापना कर सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने तथा विभागीय हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर स्व-सहायता समूह की महिलाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और जिले में लखपति दीदी अभियान को नई गति मिलेगी।

बैठक में विभागीय अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की योजनाओं के माध्यम से स्व-सहायता समूह की महिलाओं को लाभान्वित करने एवं उन्हें आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने के संबंध में सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके आर्थिक सशक्तिकरण को और अधिक मजबूत करना रहा।

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