राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई : विशेष पिछड़ी जनजाति (पीव्हीटीजी) बैगा समुदाय को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में संचालित “आदि अमितान” पीएम जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान के तहत शनिवार को 62 बैगा परिवारों को मच्छरदानियों का वितरण किया गया।
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में छुईखदान विकासखंड के दूरस्थ बैगा बसाहटों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम द्वारा तुमडादाह, परसाही एवं दल्ली स्थित बैगा बसाहटों में निवासरत कुल 62 परिवारों को मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानियां वितरित की गईं।
मलेरिया से बचाव की दी जानकारी
मच्छरदानी वितरण के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को मलेरिया के लक्षण, संक्रमण के माध्यम और बचाव के उपायों की जानकारी दी। ग्रामीणों को रात में सोते समय नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य टीम ने बताया कि बुखार, ठंड लगना, कंपकंपी, सिरदर्द, शरीर में दर्द अथवा कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया की जांच करानी चाहिए। समय पर जांच एवं उपचार से बीमारी की गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं
“आदि अमितान” अभियान के माध्यम से पीव्हीटीजी बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। अभियान के तहत मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, सिकल सेल, एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र रोग सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की स्क्रीनिंग की जा रही है। आवश्यकता अनुसार उपचार एवं उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था भी की जा रही है।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश वर्मा, बीपीएम बृजेश ताम्रकार, मलेरिया निरीक्षक विवेक मेश्राम, पर्यवेक्षक अमीलाल, आरएचओ वासुदेव, सीएचओ तेजेश्वनी एवं धनसिंह उइके उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मच्छरदानी वितरण जैसी गतिविधियों के माध्यम से बीमारी के उपचार के साथ-साथ उसकी रोकथाम पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे बैगा समुदाय को मलेरिया एवं अन्य मच्छरजनित रोगों से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।



