प्राकृतिक आपदाओं से फसल सुरक्षा के लिए किसानों से समय पर बीमा कराने की अपील
राज नेशनल न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार खैरागढ़ : खरीफ वर्ष 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी होने के साथ ही जिले में फसल बीमा हेतु आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। जिले के किसान धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, अरहर (तुअर), मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों का बीमा करा सकते हैं। प्राकृतिक आपदाओं, अतिवृष्टि, अल्पवृष्टि, ओलावृष्टि एवं अन्य प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों से होने वाले फसल नुकसान की आर्थिक सुरक्षा के लिए किसान 31 जुलाई 2026 तक अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं।
उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति की स्थिति में आर्थिक संबल प्रदान करती है। उन्होंने जिले के किसानों से समय रहते फसल बीमा कराने की अपील करते हुए कहा कि अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना अपने निकटतम सेवा सहकारी समिति, बैंक अथवा लोक सेवा केंद्र में आवेदन करें।
गत खरीफ सीजन में जिले के 11,323 बीमित किसानों को फसल क्षति के एवज में 2,579.11 लाख रुपये की दावा राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई थी।
योजना के पात्र हितग्राही
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ऋणी एवं अऋणी कृषक, भू-स्वामी, बटाईदार तथा अधिसूचित ग्रामों में अधिसूचित फसलों की खेती करने वाले सभी पात्र किसान योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
प्रति हेक्टेयर देय प्रीमियम
खरीफ 2026 के लिए किसानों द्वारा देय प्रीमियम राशि निम्नानुसार निर्धारित की गई है—
धान (सिंचित) – ₹1,320 प्रति हेक्टेयर
धान (असिंचित) – ₹990 प्रति हेक्टेयर
सोयाबीन – ₹1,100 प्रति हेक्टेयर
तुअर (अरहर) – ₹880 प्रति हेक्टेयर
उड़द – ₹660 प्रति हेक्टेयर
कोदो – ₹484 प्रति हेक्टेयर
बीमा कराने हेतु आवश्यक दस्तावेज
ऋणी कृषकों का फसल बीमा संबंधित बैंक अथवा सेवा सहकारी समिति के माध्यम से किया जाएगा। उन्हें केवल घोषणा-पत्र एवं बुआई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
अऋणी कृषकों को बैंक, सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केंद्र में निम्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे—
फसल बीमा प्रस्ताव प्रपत्र
एग्रीस्टैक (किसान कार्ड) पंजीयन अनिवार्य
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
बी-1, पर्ची अथवा भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज
बटाईदार/साझेदार कृषक होने पर संबंधित दस्तावेज
बुआई प्रमाण-पत्र
किसानों से अपील
उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे 31 जुलाई 2026 की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपने निकटतम सेवा सहकारी समिति, संबंधित बैंक अथवा लोक सेवा केंद्र के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा अवश्य कराएं तथा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली संभावित फसल हानि के विरुद्ध आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करें।



