
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 21 जुलाई 2026// लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित समीक्षा तथा सतत मॉनिटरिंग एवं निगरानी के उद्देश्य से जिला स्तरीय मॉनिटरिंग सह संचालन समिति की प्रथम त्रैमासिक समीक्षा बैठक कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्टर सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिले में संचालित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों एवं शाला प्रबंधन को योजना के बेहतर संचालन, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि सभी शालाओं में भोजन वितरण से पूर्व भोजन की गुणवत्ता की अनिवार्य जांच की जाए तथा चखना पंजी में नियमित रूप से प्रविष्टि दर्ज की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शाला निरीक्षण के दौरान भोजन का स्वाद चखकर गुणवत्ता का परीक्षण करें और चखना पंजी में अपनी टिप्पणियां दर्ज करें। साथ ही रसोईघर एवं भोजन वितरण व्यवस्था की स्वच्छता की भी नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने शालाओं में पोषण वाटिका (किचन गार्डन) को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि जिन विद्यालयों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां गमलों एवं ग्रो-बैग के माध्यम से सब्जियों एवं फलों की खेती की जाए। उन्होंने प्राचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सहभागिता से पोषण वाटिकाओं का विस्तार करने तथा स्थानीय स्तर पर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कलेक्टर ने विद्यालयों में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने, पानी की टंकियों की समय-समय पर सफाई कराने तथा ब्लीचिंग पाउडर से विसंक्रमण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में मध्यान्ह भोजन निर्माण में एलपीजी गैस के शत-प्रतिशत उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन शालाओं में गैस कनेक्शन उपलब्ध नहीं है अथवा निष्क्रिय है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नए कनेक्शन एवं सिलेंडर रीफिल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि धुएं से मुक्ति के साथ स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण में भोजन तैयार किया जा सके।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से विद्यालयों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर बच्चों तथा मध्यान्ह भोजन तैयार करने वाले रसोइयों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए रसोइयों का स्वास्थ्य परीक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने तथा जारी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।



