
राज नेशनल न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार खैरागढ़ : कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की चतुर्थ बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वन विभाग के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जिले के उद्यमी उपस्थित रहे।
बैठक प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), नई दिल्ली द्वारा जिले के तीन प्रतिष्ठानों – काशवी एंटरप्राइजेज खैरागढ़, नटराज होटल नर्मदा एवं जैन फूड्स छुईखदान – को स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उत्कृष्ट पालन के लिए फाइव स्टार हाइजीन रेटिंग प्रदान की गई है। इस अवसर पर कलेक्टर ने संबंधित प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
बैठक में समिति के सदस्य सचिव एवं महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र प्रणय बघेल ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि भारत ऐसा पहला देश है जिसने कंपनियों के लिए CSR व्यय को नियमबद्ध किया है। राज्य स्तर पर राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड इसकी नोडल एजेंसी है, जबकि जिला स्तरीय समिति जिले में संचालित CSR गतिविधियों की समीक्षा कर प्रतिवेदन राज्य स्तर पर भेजेगी। इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा CSR मद से प्रस्तावित कार्यों पर चर्चा की गई।
महाप्रबंधक ने जिले में औद्योगिक प्रयोजन हेतु चिन्हांकित भूमि की जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम महरूमकला में एक औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए राज्य स्तर पर आवश्यक कार्यवाही प्रचलन में है।
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि सितंबर 2027 तक जिले को 10 प्रकरणों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिनमें से दो प्रकरण बैंकों को भेजे जा चुके हैं तथा लगभग 15 प्रकरण जिला संसाधन व्यक्ति (DRP) के पास लंबित हैं, जिन्हें एक सप्ताह के भीतर बैंकों को प्रेषित किया जाएगा।
कलेक्टर ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों से जुड़े स्व-सहायता समूहों के मुद्रा ऋण प्रकरणों को PMFME योजना से जोड़कर भेजा जाए, ताकि समूहों को अनुदान एवं अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में उपस्थित उद्यमियों के साथ जिले में पर्यटन विकास, बकरकट्टा क्षेत्र में अस्पताल निर्माण, नर्सिंग कॉलेज की स्थापना, ऑटो एवं ट्रैक्टर सर्विस सेंटर, कृषि उपकरण निर्माण इकाइयों, पराली से ब्रिकेट निर्माण उद्योग, कोदो प्रसंस्करण इकाइयों सहित विभिन्न निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों द्वारा राइस मिल संचालन एवं बॉयलर वेल्डर जैसे तकनीकी कार्यों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता बताई गई। इस पर कलेक्टर ने कौशल विकास विभाग के माध्यम से संबंधित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उद्यमी आरिफ मेमन ने बायो-सीएनजी गैस निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए लगभग तीन एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई। कलेक्टर ने उन्हें उपयुक्त भूमि चिन्हांकित कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने की सलाह दी।
बैठक के अंत में कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने उद्योग विभाग को जिले में मिनी मॉल की स्थापना तथा बुनकर समितियों के उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं विपणन के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्त की गई।



