
सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों, समय-सीमा और अपील प्रक्रिया की दी गई जानकारी
खैरागढ़, 24 सितंबर। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनरों (BLMTs) के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन 23 एवं 24 सितंबर को कलेक्टर सभाकक्ष खैरागढ़ में किया गया। प्रशिक्षण में आरटीआई आवेदनों के नियमानुसार एवं निर्धारित समय-सीमा में निराकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
आरटीआई की नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर पूजा पींचा ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण एवं नियमानुसार निराकरण की प्रक्रिया को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों को लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच मौजूद भ्रम को दूर करते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करना आवश्यक है।
प्रशिक्षण में संभाग स्तरीय प्रशिक्षक राजेश चन्द्रवंशी के साथ जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर स्वर्णिम शुक्ला, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, प्रणय बघेल, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा प्रकाशचंद्र तारम, परियोजना अधिकारी जिला पंचायत उपस्थित रहे।
आवेदन से लेकर अपील प्रक्रिया तक दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया, सूचना उपलब्ध कराने की निर्धारित समय-सीमा, अपवाद स्वरूप सूचना, तीसरे पक्ष से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सहित अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके साथ ही प्रथम एवं द्वितीय अपील की प्रक्रिया तथा सहायक जन सूचना अधिकारी की भूमिका एवं दायित्वों के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के बाद चयनित मास्टर ट्रेनर अपने-अपने विकासखंडों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे। इसके माध्यम से आरटीआई आवेदनों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं नियमानुसार निराकरण की व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।



