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सोलर प्लांट लगवाया, जून से बिजली बिल शून्य; अब ग्रिड को भी दे रहे बिजली

साल्हेवारा के शेखर मेरावी ने घर की छत पर लगाया 3 किलोवाट का सोलर प्लांट, शासन से मिली 1.08 लाख रुपए की सब्सिडी

राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ :  वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा के शेखर मेरावी सौर ऊर्जा अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का ऑन-ग्रिड सोलर प्लांट लगवाया है। इससे उनके घर की बिजली जरूरतें पूरी हो रही हैं और जून महीने से बिजली बिल भी शून्य आ रहा है। खास बात यह है कि घरेलू खपत के बाद बचने वाली अतिरिक्त बिजली को वे पावर ग्रिड में भी भेज रहे हैं। उनकी यह पहल क्षेत्र के दूसरे ग्रामीणों के लिए प्रेरणा बन रही है।

1.08 लाख रुपए की सब्सिडी से आसान हुआ सोलर प्लांट लगाना

शेखर मेरावी ने बढ़ते बिजली खर्च से राहत पाने और घर की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा का विकल्प चुना। उन्होंने 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया। इसके लिए उन्हें शासन की ओर से 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी मिली। आर्थिक सहायता से सोलर प्लांट लगाने का खर्च कम हुआ और उनके लिए स्वच्छ ऊर्जा अपनाना आसान हो गया।

घर की जरूरतें पूरी, अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेज रहे

सोलर प्लांट लगने के बाद मेरावी के घर की बिजली व्यवस्था में बदलाव आया है। सौर ऊर्जा से बनने वाली बिजली का उपयोग घरेलू जरूरतों को पूरा करने में किया जा रहा है। इसका लाभ यह मिला कि जून से उनका बिजली बिल शून्य आ रहा है। इससे परिवार को हर महीने होने वाले बिजली खर्च से राहत मिली है।

ऑन-ग्रिड प्रणाली के जरिए घर में खपत के बाद बचने वाली अतिरिक्त बिजली पावर ग्रिड में भेजी जा रही है। इस तरह उनका घर बिजली का उपभोक्ता होने के साथ ऊर्जा उत्पादन में भी योगदान दे रहा है।

दूसरे ग्रामीणों के लिए बने प्रेरणा

साल्हेवारा जैसे वनांचल क्षेत्र में शेखर मेरावी की यह पहल दूसरे ग्रामीण परिवारों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। उनका अनुभव बताता है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर और आधुनिक तकनीक अपनाकर बिजली खर्च में राहत पाई जा सकती है।

सौर ऊर्जा का उपयोग पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिलती है।

शेखर मेरावी की पहल यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करके ग्रामीण परिवार घरेलू खर्च में बचत करने के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ा सकते हैं।

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