
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ : विवाह पंजीयन की प्रक्रिया अब सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से बेहद सरल और सुविधाजनक हो गई है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण ग्राम ठाकुरटोला निवासी गणपत धुर्वे और हंसलेखा धुर्वे का मामला है, जिनका विवाह पंजीयन आवेदन करने के मात्र चार दिन के भीतर ही अनुमोदित हो गया। ऑनलाइन आवेदन से लेकर प्रमाण-पत्र प्राप्त करने तक की यह तेज प्रक्रिया शासकीय सेवाओं में डिजिटल व्यवस्था की सार्थकता को भली-भांति दर्शाती है।
गणपत धुर्वे और हंसलेखा धुर्वे का विवाह 27 मार्च 2026 को हुआ था। अपने विवाह के आधिकारिक दस्तावेजीकरण के लिए उन्होंने 16 अक्टूबर 2026 को लोक सेवा केंद्र के जरिए सेवा सेतु पोर्टल पर आवेदन दर्ज कराया। इसके बाद, संबंधित विवाह पंजीयक कार्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 20 अक्टूबर 2026 को उनके आवेदन का अनुमोदन कर दिया और डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र जारी कर दिया।
डिजिटल व्यवस्था के लाभ
- त्वरित सेवाएं: पोर्टल के माध्यम से महज चार दिन के भीतर प्रमाण-पत्र मिलने से नागरिकों का समय बच रहा है।
- आधिकारिक दस्तावेज: समय पर प्रमाण-पत्र मिलने से दंपती के पास अब विवाह का वैध प्रमाण उपलब्ध है, जो भविष्य में विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं में उपयोगी साबित होगा।
- पारदर्शिता और सुगमता: लोक सेवा केंद्र और सेवा सेतु पोर्टल के समन्वय से शासन की डिजिटल योजनाएं आम जनता तक बिना किसी बाधा के पहुँच रही हैं।
यह पूरी प्रक्रिया इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल तकनीकों के उपयोग से शासकीय कार्यों में तेजी आई है और नागरिकों को घर के नजदीक ही सहजता से लाभ मिल रहा है।



