
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ 09 सितम्बर 2026// जनपद पंचायत छुईखदान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) ने क्षेत्र में संचालित एवं निर्माणाधीन विभिन्न जनोपयोगी कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शासकीय योजनाओं के तहत किए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की समीक्षा, उपलब्ध सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेना तथा ग्रामीणों को योजनाओं का बेहतर एवं प्रभावी लाभ सुनिश्चित करना रहा।
सीईओ ने ग्राम पंचायत कुकुरमुड़ा में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने अपूर्ण कार्यों को तत्काल पूर्ण करने की हिदायत देते हुए कहा कि FSTP के प्रभावी संचालन से स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन होगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।
इसके बाद ग्राम पंचायत भरदागोड़ एवं अतरिया में निर्माणाधीन बालिका शौचालय एवं CSC सेंटर का निरीक्षण किया गया। सीईओ ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालिका शौचालय जैसी सुविधाएं केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि इनमें स्वच्छता, सुरक्षा, पानी एवं उपयोगिता की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बालिकाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत अतरिया के कांजी हाउस का भी निरीक्षण किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि आवारा मवेशियों को कांजी हाउस में रखा जाता है तथा उनकी देखरेख के लिए चरवाहे की व्यवस्था भी की गई है। सीईओ ने व्यवस्था का जायजा लेते हुए आवारा मवेशियों के समुचित प्रबंधन, उनकी देखभाल तथा ग्रामीणों को होने वाली असुविधाओं को कम करने पर जोर दिया।
मैदानी निरीक्षण का उद्देश्य केवल कार्यों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता और सुविधाओं के बेहतर संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, शिक्षा, डिजिटल सेवाओं एवं जनसुविधाओं की स्थिति में सकारात्मक सुधार आएगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं तथा पूर्ण होने के बाद भी उनकी उपयोगिता और रख-रखाव पर निरंतर निगरानी रखी जाए। इससे शासकीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ ग्रामीणों का शासकीय योजनाओं एवं जनसुविधाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा। निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और ग्राम वासी उपस्थित रहे।



