
138 घरेलू नल कनेक्शन से मिली बड़ी राहत, 40 किलोलीटर क्षमता के उच्च स्तरीय जलागार से हो रही जलापूर्ति
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ : केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्रामीण अंचलों में जीवनस्तर को सुधरने का एक बड़ा माध्यम बन रही है। विकासखंड छुईखदान के ग्राम आमगांव में हर घर नल से जल पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। 648 की आबादी वाले इस गांव में 138 घरेलू नल कनेक्शन (FHTC) दिए गए हैं, साथ ही पेयजल आपूर्ति के लिए 40 किलोलीटर क्षमता के उच्च स्तरीय जलागार (OHT) का निर्माण किया गया है, जिससे अब हर घर तक आसानी से पानी पहुंच रहा है।
पानी के लिए लंबी दूरी तय करने की समस्या हुई दूर
ग्राम आमगांव में पहले ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर गर्मियों के दिनों में पानी की किल्लत एक बड़ी चुनौती बन जाती थी। महिलाओं और बच्चों को सिर पर पानी ढोकर लाने में घंटों समय बिताना पड़ता था, जिससे दैनिक कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता था। अब घर के आंगन में नल लगने से इस पुरानी समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल गई है।
महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
घर की चौखट तक स्वच्छ पानी मिलने से गांव की महिलाओं के जीवन में बड़ा सुधार आया है। पानी लाने में बर्बाद होने वाला कीमती समय अब परिवार की देखभाल, बच्चों की शिक्षा, घरेलू कार्यों और अन्य जरूरी गतिविधियों में उपयोग हो रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं की दिनचर्या बेहद आसान और सुविधाजनक हो गई है।
स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति बढ़ी जागरूकता
मिशन के तहत केवल जलापूर्ति ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के उपयोग, स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति तथा स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से जलापूर्ति व्यवस्था का सुचारू संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा जल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी और जलस्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने व्यक्त की खुशी
ग्रामवासियों का कहना है कि पहले पानी की बूंद-बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन अब घर में नल से शुद्ध जल मिलने से उनका जीवन आसान हो गया है। समय की भारी बचत होने से परिवार के विकास के लिए अधिक समय मिल रहा है।
आमगांव में जल जीवन मिशन की यह पहल यह साबित करती है कि बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण परिवारों के जीवन को किस प्रकार सहज, सुविधाजनक और सम्मानजनक बना सकता है।



