
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ : छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के तत्वावधान में तालुका विधिक सेवा समिति खैरागढ़ में 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में पक्षकारों को भौतिक एवं वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपसी सुलह और समझौते के आधार पर प्रकरणों के निराकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस दौरान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांक्षा खलखो, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वालंटियर, अधिवक्ता एवं पक्षकार उपस्थित रहे।
जिला एवं अपर सत्र न्यायालय खैरागढ़ में कुल 19 प्रकरणों का पक्षकारों की सहमति से निराकरण किया गया। इनमें 6 दावा प्रकरणों में 31 लाख रुपये की अवार्ड राशि, 3 क्रिमिनल कंपाउंडेबल प्रकरणों में 11 लाख 20 हजार रुपये, एक आर्बिट्रेशन प्रकरण में 75 हजार रुपये, एक सिविल प्रकरण में 12 लाख 68 हजार 315 रुपये तथा अन्य 8 प्रकरणों में 76 लाख 74 हजार 523 रुपये की राशि पारित हुई।
प्री-लिटिगेशन मामलों में बीएसएनएल के 5 प्रकरणों में 9,539 रुपये तथा नगर पालिका के 3 प्रकरणों में 28,224 रुपये की राशि से समझौता हुआ।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खैरागढ़ में ट्रैफिक चालान के 569 मामलों में 1 लाख 9 हजार रुपये तथा धारा 321, 258 सीआरपीसी एवं अन्य पेटी ऑफेंस से संबंधित 147 प्रकरणों में 79,500 रुपये का निराकरण हुआ। एनआई एक्ट की धारा 138 के चेक बाउंस से संबंधित 3 मामलों में 4 लाख 65 हजार रुपये की अवार्ड राशि पारित हुई। इसके अलावा अन्य सिविल मामलों में भी पक्षकारों के बीच समझौता कराया गया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय में ट्रैफिक चालान के 239 मामलों में 23,900 रुपये तथा धारा 321, 258 सीआरपीसी एवं अन्य पेटी ऑफेंस से संबंधित 25 प्रकरणों में 14 हजार रुपये की अवार्ड राशि पारित हुई। इसके साथ ही 8 क्रिमिनल कंपाउंडेबल प्रकरणों में 15 हजार रुपये, एनआई एक्ट की धारा 138 के एक चेक बाउंस मामले में 4 लाख 50 हजार रुपये की राशि से समझौता हुआ। अन्य सिविल एवं क्रिमिनल कंपाउंडेबल प्रकरणों में भी राजीनामा कराया गया।
राजस्व न्यायालयों में 49,511 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 24 लाख 54 हजार 250 रुपये की अवार्ड राशि पारित हुई। पक्षकारों को आपसी सुलह के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण कराने के लिए तालुका विधिक सेवा समिति द्वारा प्री-सिटिंग की व्यवस्था भी की गई थी।
इस प्रकार आयोजित नेशनल लोक अदालत में कुल 50,537 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा कुल 1 करोड़ 68 लाख 70 हजार 251 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायिक कर्मचारी देवेन्द्र चंदेल, दिनेश शर्मा, चंदन साहू, मनोहर देवांगन, आरके लांझकर, उमेश राजपूत, गोरेलाल, पुष्पेंद्र, मुरली देवांगन, धनंजय सेवेलकर, अमरनाथ जायसवाल, भुवनेश्वर कौशिक, सिद्धार्थ तिवारी, राजेश खरे सहित न्यायालयीन स्टाफ, पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू, कला प्रजापति एवं छबिराज तथा सुलहकर्ता अधिवक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



