राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई : साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा चलाया जा रहा साइबर जागृति अभियान लगातार प्रभावी रूप से जारी है। 22 अगस्त को जिले के सभी थाना क्षेत्रों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस टीमों ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों सहित स्कूलों, छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर करीब 2000 विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, यूपीआई एवं बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया अपराध, साइबर ब्लैकमेलिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों के तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे बचाव के उपाय बताए।
पुलिस ने लोगों को समझाइश दी कि ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से बचें। बैंकिंग या यूपीआई से संबंधित संदिग्ध कॉल एवं मैसेज पर तत्काल प्रतिक्रिया न दें तथा सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा एवं गोपनीयता सेटिंग्स का विशेष ध्यान रखें।
डिजिटल अरेस्ट से डरकर पैसे ट्रांसफर न करें
पुलिस ने विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट जैसी साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की। किसी भी प्रकार की धमकी या साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की समझाइश दी गई।
हर क्षेत्र तक पहुंचा जागरूकता का संदेश
अभियान की खासियत यह रही कि इसे केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ इलाकों में भी पुलिस टीमों ने पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ आम नागरिकों को भी बताया गया कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। पुलिस के अनुसार साइबर जागृति अभियान के माध्यम से जिले के अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।



