KCGखास खबरछत्तीसगढ़

जिला निर्यात संवर्धन समिति एवं PMFME की बैठक संपन्न

​स्थानीय उत्पादों के निर्यात, उद्यमियों के औपचारिकीकरण एवं खाद्य सुरक्षा प्रमाणन पर हुई चर्चा

राज  नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ :  जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक 04 नवंबर 2026 को अपर कलेक्टर की उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में FIEO मुंबई, MSME रायपुर, BIS नवा रायपुर एवं NABARD के अधिकारियों सहित कृषि महाविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक व विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने, उद्यमियों को गुणवत्ता सुधार, प्रसंस्करण एवं विपणन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों के समन्वय से जिले में निर्यात एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

​बैठक में डॉ. असाटी वरिष्ठ वैज्ञानिक पान अनुसंधान केंद्र द्वारा मोरिंगा पत्ती चाय एवं ड्राई भाजी जैसे उत्पाद की चिकित्सीय गुणवत्ता के कारण विदेशों में मांग के बारे में बताया और जानकारी दी कि अमेरिका में कुछ उपभोक्ताओं को इसे भेजा जा रहा है।

​उत्तम दसारिया ने टेक्सटाइल एवं बुनकर सोसायटी में वेस्ट मटेरियल के उपयोग से मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने के सम्बन्ध में अपनी योजना बताई।

​पार्थिका महोबिया ने उनके पान उत्पादों को सरस मेला एवं राज्योत्सव में मिले अच्छे प्रतिसाद की जानकारी देते हुए इन्हें केंद्रीय स्तर के आयोजनों में भी अवसर प्रदान करने की आवश्यकता बताई और कहा कि स्टार्टअप जैसा सपोर्ट ओडीओपी को भी मिले।

​बैठक में BIS रायपुर द्वारा पान उत्पाद के मानकों पर चर्चा की।

​NABARD के हर्ष द्वारा पान उत्पादन, प्रसंस्करण एवं प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान करने की जानकारी दी गई।

​MSME के सहायक संचालक योगेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ट्रेड फेयर में सहभागिता हेतु उद्यमियों को मिलने वाले सहयोग व ZED गुणवत्ता प्रमाणन की जानकारी दी गई। उन्होंने NIMS हैदराबाद द्वारा पांच दिवसीय विशेष आवासीय प्रशिक्षण की जानकरी उद्यमियों के मध्य प्रचारित करने का सभी से निवेदन किया।

​वन विभाग के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि जिले में मोरिंगा उत्पादन के लिए योजना तैयार किया जाना है, उसके लिए PKM-2 एवं ODC-3 किस्मो के साथ-साथ मिलेट्स उत्तपादन तथा जैविक प्रमाणन पर भी चर्चा की गई।

​FIEO मुंबई डिप्टी डायरेक्टर रिशु मिश्रा ने निर्यात को बढ़ावा देने हेतु उत्पादों के बाय-प्रोडक्ट एवं विभिन्न फ्लेवर विकसित करने, बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने, रिवर्स बायर-सेलर मीट आयोजित करने तथा उद्यम पंजीयन एवं IEC कोड की आवश्यकता पर जानकारी दी। वाइब्रेंट गुजरात की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी निर्यात एवं निवेश प्रोत्साहन संबंधी आयोजन करने का सुझाव दिया।

​बैठक के अंत में महाप्रबंधक प्रणय कुमार बघेल ने कहा कि निर्यात के लायक उत्पाद तैयार करने के लिए शुरू से ही गुणवत्ता और पैकेजिंग मानकों का पालन करना आवश्यक है और इसी अनुसार प्रोडक्ट डेवलपमेंट करना चाहिए और इसी के साथ VC के माध्यम से जुड़े सभी सदस्यों का धन्यवाद करते हुए जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक समाप्ति की घोषणा की गई।

​इसके पश्चात PMFME योजना अंतर्गत बैठक आयोजित की गई, जिसमें लंबित प्रकरणों तथा लाभान्वित उद्यमियों के औपचारिकीकरण के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में उद्यमियों के लिए FSSAI लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य बताया गया, जिससे खाद्य उत्पादों की बिक्री एवं विपणन में सुविधा हो सके। संबंधित प्रमाणपत्र प्राप्त होने से उत्पादों की विश्वसनीयता एवं बाजार में स्वीकार्यता बढ़ेगी।

​महाप्रबंधक प्रणय बघेल द्वारा बैठक समाप्ति की घोषणा करते हुए बताया गया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार आगामी जिला स्तरीय DLCC बैठक में PMFME योजना के हितग्राहियों के प्रति बैंकर्स के व्यवहार पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अंत में महाप्रबंधक प्रणय बघेल ने उपस्थित विभागीय अधिकारियों व प्रतिनिधियों तथा बैंकर्स का आभार व्यक्त किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button