
नाटक के जरिए सेवा, जनभागीदारी और समाज के प्रति जिम्मेदारी का दिया संदेश
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 22 सितंबर 2026 // सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम बाजार अतरिया और ठेलकाडीह में ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ नाटक का मंचन किया गया। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा भावना, जनभागीदारी और समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों को प्रभावी नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सामने रखा गया। कलाकारों ने संवाद और अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि समाज के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
ग्राम बाजार अतरिया में आयोजित कार्यक्रम में टोपसिंग, दीनदयाल रजक एवं गिरधारी वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। नाटक की प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से जनसेवा और समाजहित से जुड़े संदेशों को सहज एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने पूरे कार्यक्रम को रुचि के साथ देखा और कलाकारों की प्रस्तुति को सराहा।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत ठेलकाडीह के बाजार चौक में भी ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम में भोज बंजारे, मंडल अध्यक्ष, प्रशांत साहू, योगेंद्र पाल, पेमेन्द्र चंदेल, गंगा वर्मा, देवानंद वर्मा, नंदकुमार एवं श्रीमती शकुन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। खुले स्थान पर आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों की अच्छी सहभागिता रही और नाटक के विभिन्न दृश्यों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी एवं सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग स्वर्णिम शुक्ला भी उपस्थित रहे। प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास के विद्यार्थियों ने भी नाटक देखा और आयोजन में सहभागिता की। विद्यार्थियों के लिए यह प्रस्तुति सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना और सामुदायिक सहभागिता के विषयों को समझने का एक रोचक माध्यम बनी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस नाट्य प्रस्तुति ने ग्रामीणों तक सेवा और जनभागीदारी से जुड़े संदेशों को स्थानीय स्तर पर पहुंचाने का कार्य किया। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय और संवादों के माध्यम से सामाजिक सेवा के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा। बाजार अतरिया और ठेलकाडीह में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों की सहभागिता से आयोजन सामुदायिक भागीदारी के रूप में सामने आया।



