
राज नेशनल न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार खैरागढ़ : विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़ा (11 जुलाई से 18 जुलाई) के अंतर्गत जिला स्तरीय सास-बहू सम्मेलन एवं हेल्थ टॉक का आयोजन कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन मातृ स्वास्थ्य नोडल अधिकारी मनीष बघेल के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव, जिला आरएमएनसीएच+ सलाहकार, जिला डेटा प्रबंधक खिले साहू सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मितानिन ट्रेनर, मितानिन, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के हितग्राही, नवविवाहित दम्पति, सास-बहू एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. रूना सिंह ने परिवार नियोजन, बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल, उपलब्ध गर्भनिरोधक साधनों तथा मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने गर्भावस्था की शीघ्र पहचान, प्रथम तिमाही में पंजीयन, नियमित प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), आवश्यक प्रयोगशाला जांच, आयरन-फोलिक एसिड सेवन, पोषण परामर्श एवं संस्थागत प्रसव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समय पर पंजीयन और नियमित चिकित्सकीय देखभाल से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान कर माता एवं शिशु दोनों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि छोटा एवं स्वस्थ परिवार, बच्चों के जन्म में उचित अंतराल और समय पर मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेना स्वस्थ समाज और समृद्ध परिवार की नींव है। कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व एवं गर्भावस्था देखभाल से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया।
इस अवसर पर परिवार नियोजन विषयक प्रेरक वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें छोटे एवं बड़े परिवार के स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। वीडियो के माध्यम से छोटे एवं सुखी परिवार, समय पर गर्भावस्था जांच और सुरक्षित मातृत्व का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में नवविवाहित दम्पतियों, सास-बहू एवं उनके परिवारजनों से अपील की गई कि गर्भधारण होने पर निकटतम आयुष्मान आरोग्य मंदिर अथवा शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल जांच एवं पंजीयन कराएं, नियमित प्रसव पूर्व जांच कराएं तथा उपलब्ध परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ उठाएं। सभी प्रतिभागियों ने जनसंख्या स्थिरीकरण, सुरक्षित मातृत्व एवं स्वस्थ परिवार के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।



