
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 28 जुलाई 2026// कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बालक एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम तथा नियम, 2017 की धारा 17 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए बाल श्रम उन्मूलन के लिए विभागों के बीच समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने जिला टास्क फोर्स के सभी सदस्य विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं को प्रत्येक माह संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें श्रम से मुक्त कराया जा सके तथा उनके पुनर्वास और शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विगत एक माह से स्कूलों में अनुपस्थित बच्चों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जाए। ऐसे बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुरूप उनकी आयु के अनुसार नियमित विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और बाल श्रम की ओर न बढ़े। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बाल श्रम उन्मूलन का सबसे प्रभावी माध्यम है, इसलिए शिक्षा विभाग इस दिशा में विशेष अभियान चलाए।
कलेक्टर ने बाल श्रमिकों के नियोजन को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा 12 के तहत निर्धारित “बाल श्रम निषेध सूचना” सभी दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों के मुख्य द्वार पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराई जाए। उन्होंने कहा कि बाल श्रम के विरुद्ध नियमित निरीक्षण, जनजागरूकता एवं संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी विभाग जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।



