
खैरागढ़, 21 अगस्त 2026। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में टीबी की सक्रिय पहचान एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संवेदनशील व्यक्तियों की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से निःशुल्क जांच की जा रही है। इस तकनीक के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग को अधिक प्रभावी, त्वरित एवं सुगम बनाया जा रहा है।
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन में तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में, जिला क्षय अधिकारी डॉ. ऋतुराज सिंह के नेतृत्व में जिले के विकासखंडों एवं ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
अभियान के अंतर्गत टीबी के लिए उच्च जोखिम वाले एवं संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान कर उनकी स्क्रीनिंग, आवश्यक जांच तथा संभावित टीबी मरीजों को आगे की जांच एवं उपचार सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों एवं समुदायों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जहां टीबी संक्रमण का जोखिम अधिक है।
AI-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे तकनीक दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी स्क्रीनिंग को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लक्षित क्षेत्रों में पहुंचकर मौके पर ही लोगों की जांच कर रही हैं। इससे संभावित टीबी मामलों की शीघ्र पहचान, समय पर आवश्यक जांच तथा उपचार से मरीजों को जोड़ने में मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना अथवा टीबी से संबंधित अन्य लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जांच अवश्य कराएं। टीबी का समय पर पता चलने और निर्धारित अवधि तक पूरा उपचार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।



