
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 26 अगस्त 2026// रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में जहां राखियों की मांग बढ़ गई है, वहीं स्थानीय स्तर पर महिला समूहों द्वारा तैयार की जा रही हस्तनिर्मित राखियां भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं। खैरागढ़ की श्रद्धा साईं महिला उत्थान समिति की महिलाएं इस बार रक्षाबंधन के अवसर पर आकर्षक और पारंपरिक राखियां तैयार कर रही हैं। समिति की महिलाओं द्वारा स्वयं राखियां तैयार कर उन्हें बाजार तक पहुंचाने की पहल से उन्हें रोजगार के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
समिति की अध्यक्ष त्रिवेणी पटेल के नेतृत्व में महिलाएं राखी निर्माण के कार्य में जुटी हैं। रंग-बिरंगे धागों, मोतियों, सजावटी सामग्री और आकर्षक डिजाइन का उपयोग कर विभिन्न प्रकार की राखियां तैयार की जा रही हैं। महिलाओं द्वारा राखियों को आकर्षक रूप देने के लिए उनकी डिजाइन, सजावट और पैकिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हुनर को रोजगार से जोड़ने की पहल
श्रद्धा साईं महिला उत्थान समिति की महिलाओं का कहना है कि स्थानीय स्तर पर राखी तैयार करने से पारंपरिक कला और हुनर को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही महिलाओं को अपने घर और अन्य जिम्मेदारियों के साथ काम करने का अवसर भी मिल रहा है। तैयार राखियों की बिक्री से होने वाली आमदनी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक बन रही है।
समिति की सचिव शिकीं मेश्राम और कोषाध्यक्ष सावित्री तिवारी सहित अन्य सदस्य राखी निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहयोग कर रही हैं। समिति की सदस्य वर्षा पटेल, रेशमी लहरे, योगिता सारथी, गायत्री पटेल, मालती पटेल, संतोषी गोस्वामी, सिद्धी सिंह एवं रमा नेताम भी राखियां तैयार करने में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
स्थानीय उत्पादों को मिल रहा बढ़ावा
महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही राखियां केवल रक्षाबंधन के पर्व से जुड़ी सामग्री नहीं हैं, बल्कि स्थानीय महिला हुनर और स्वावलंबन की मिसाल भी बन रही हैं। हस्तनिर्मित राखियों में महिलाओं की मेहनत, रचनात्मकता और आत्मनिर्भर बनने की इच्छा दिखाई देती है। समिति की पहल से स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरणा मिल रही है।
रक्षाबंधन जैसे पर्व के अवसर पर स्थानीय महिला समूहों द्वारा तैयार राखियों को खरीदने से महिलाओं के हुनर को प्रोत्साहन मिलता है और उनके आर्थिक सशक्तिकरण में भी योगदान होता है। श्रद्धा साईं महिला उत्थान समिति की यह पहल महिला स्वावलंबन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।



