राज नेशनल न्यूज़ गंडई/पैलिमेटा : रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आपसी स्नेह का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र यानी राखी बांधती हैं और भाई अपनी बहन की सुरक्षा, सम्मान तथा हर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प लेते हैं।
रक्षाबंधन का वास्तविक संदेश केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति की रक्षा और सम्मान करने की प्रेरणा देता है, जिसे सुरक्षा, सहयोग और स्नेह की आवश्यकता है। कलाई पर बंधा रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, प्रेम और विश्वास का पवित्र प्रतीक है।
यह पर्व हमें अपने भीतर की बुराइयों, नकारात्मकता और स्वार्थ का त्याग कर प्रेम, पवित्रता और सदाचार के मार्ग पर चलने की सीख देता है। आज के समय में भाई द्वारा बहन की रक्षा का संकल्प केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सपनों का सम्मान करने, आगे बढ़ने में सहयोग देने और हर परिस्थिति में साथ खड़े रहने का भी प्रतीक है।
रक्षाबंधन का संदेश परिवार से आगे बढ़कर समाज और संपूर्ण मानवता के कल्याण से जुड़ा है। यह हमें प्रकृति, समाज और प्रत्येक जीव के प्रति सम्मान एवं जिम्मेदारी का भाव रखने की प्रेरणा देता है।
आइए, इस रक्षाबंधन पर हम सभी अपने रिश्तों की मिठास, प्रेम और सम्मान को बनाए रखने तथा जरूरतमंदों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प लें।



