राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ / नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के राजा राममोहन राय सभागार में देश की बात फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘Gen Z Parliament’ में छत्तीसगढ़ के संयोजक एवं सामाजिक चिंतक विप्लव साहू अपनी टीम के साथ शामिल हुए। राष्ट्रव्यापी इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, झारखंड, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।
युवाओं को नीति निर्माण में भागीदारी का आह्वान
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और देश की बात फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल राय ने युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि केवल सवाल उठाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को समाधान तलाशने और नीति निर्माण की प्रक्रिया में भी भाग लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि Gen Z Parliament के माध्यम से तैयार की जा रही राष्ट्रीय रोजगार नीति देश के करोड़ों युवाओं की आकांक्षाओं को सामने लाने का प्रयास है। इससे रोजगार के मुद्दे पर व्यापक चर्चा और नीतिगत पहल को दिशा मिल सकती है।
शिक्षा और कौशल के बीच की दूरी दूर करने पर जोर
छत्तीसगढ़ की टीम का नेतृत्व कर रहे सामाजिक चिंतक विप्लव साहू ने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर विभिन्न राज्यों के युवाओं ने एकजुट होकर भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की। अधिवेशन में शिक्षा और उद्योगों की जरूरतों के बीच कौशल संबंधी अंतर को दूर करने, बेरोजगारी के समाधान तलाशने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
सरकार के सामने रखा जाएगा नीति का मसौदा
कार्यक्रम के दौरान ‘आपकी आवाज, आपका भविष्य, आपकी नीति’ के संकल्प को दोहराया गया। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखते हुए रोजगार से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर ठोस पहल की जरूरत बताई।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय रोजगार नीति का मसौदा सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसे देश की बात फाउंडेशन का राष्ट्रीय नेतृत्व भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगा। इस पहल का उद्देश्य रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और उनके सुझावों को नीतिगत चर्चा तक पहुंचाना है।



