
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 20 सितंबर 2026// ग्राम पंचायत कानीमेरा के किसान अशोक कुमार सिरदार के लिए आजीविका डबरी अब केवल पानी सहेजने का साधन नहीं है। यही डबरी उनके खेत की सिंचाई, मेड़ पर अतिरिक्त फसल और मछली पालन के जरिए आजीविका के नए अवसरों का आधार बन गई है। योजनाओं के अभिसरण से तैयार इस परिसंपत्ति ने खेती के साथ अतिरिक्त आय के साधन विकसित करने की राह खोली है।
वीबी-जी राम जी योजना के तहत जनवरी 2026 में 1.99 लाख रुपये की लागत से आजीविका डबरी स्वीकृत हुई थी। गांव के श्रमिकों ने अप्रैल 2026 में इसका निर्माण पूरा किया। वर्षा जल के संचय से डबरी में पानी उपलब्ध हुआ, जिसका उपयोग अब खेती के लिए किया जा रहा है। किसान ने डबरी के आसपास करीब 2 एकड़ क्षेत्र में धान की फसल लगाई है, जो अब खेतों में हरियाली का रूप ले चुकी है।
अशोक कुमार ने डबरी की मेड़ को भी खेती के लिए उपयोगी बनाया है। मेड़ पर अरहर की फसल लगाई गई है, जिससे एक ही परिसंपत्ति से अतिरिक्त फसल प्राप्त करने का अवसर मिला है। वहीं मत्स्य पालन गतिविधि से अभिसरण करते हुए जुलाई माह में उन्हें रोहू, कतला और मृगल प्रजाति के 50 पैकेट मछली बीज अनुदान के रूप में उपलब्ध कराए गए। इसके बाद डबरी में मछली पालन भी शुरू किया गया।
अब एक ही परिसंपत्ति कई गतिविधियों को सहारा दे रही है। डबरी में संचित पानी खेती के काम आ रहा है, मेड़ पर अरहर की फसल तैयार हो रही है और मछली पालन से अतिरिक्त आमदनी की संभावना बनी है। इस तरह जल-संरक्षण से शुरू हुई पहल खेती और आजीविका के नए अवसरों से जुड़ गई है।



