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सेवा संकल्प अभियान-2026 : ग्राम पंचायतों में चार प्रकार के ठोस अपशिष्ट का पृथक्करण एवं संग्रहण

चार अलग-अलग कंटेनरों के माध्यम से कचरा संग्रहण, ‘कचरा अलग-अलग, गांव स्वच्छ’ की दिशा में पहल

राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 24 सितंबर 2026 : सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामीण परिवेश के निर्माण तथा ठोस अपशिष्ट के व्यवस्थित प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए जिले की ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण एवं पृथक्करण की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के अनुपालन में ग्राम पंचायतों में चार प्रकार के ठोस अपशिष्ट का पृथक-पृथक संग्रहण करने के लिए चार अलग-अलग कंटेनरों की व्यवस्था की जा रही है।

कलेक्टर  इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रेम कुमार पटेल के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों को ठोस अपशिष्ट के पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन एवं उचित प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत घर-घर से कचरा संग्रहण के दौरान कचरे को निर्धारित श्रेणियों के अनुसार अलग-अलग रखने और संग्रहित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

चार प्रकार के कचरे का किया जा रहा पृथक संग्रहण
ग्राम पंचायतों में कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए चार अलग-अलग कंटेनरों की व्यवस्था की जा रही है। इनमें गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक एवं सैनिटरी अपशिष्ट तथा अन्य निर्धारित श्रेणी के अपशिष्ट को अलग-अलग संग्रहित किया जाएगा। स्रोत स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण होने से उसके पुनर्चक्रण, प्रसंस्करण एवं सुरक्षित निपटान में सुविधा होगी।

गीले कचरे से जैविक खाद एवं अन्य उपयोगी सामग्री तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा सकता है। वहीं सूखे कचरे में शामिल पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग कर रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जा सकेगा। सैनिटरी एवं घरेलू हानिकारक अपशिष्ट का भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।

सेवा संकल्प के साथ जनभागीदारी पर जोर
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता गतिविधियों में ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ाने के साथ-साथ घर से ही कचरा अलग करने की आदत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अपने घरों से निकलने वाले कचरे को एक साथ न मिलाएं, बल्कि निर्धारित श्रेणी के अनुसार अलग-अलग रखें और कचरा संग्रहण के समय स्वच्छता कर्मियों को पृथक रूप से उपलब्ध कराएं।

ग्राम पंचायतों द्वारा भी ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण के महत्व के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। स्रोत स्तर पर कचरा अलग करने से सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर कम होंगे, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

ग्राम पंचायतों को नियमित संग्रहण एवं उचित निपटान के निर्देश
जिले की ग्राम पंचायतों को कचरा संग्रहण की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा चारों श्रेणियों के कचरे को निर्धारित कंटेनरों में अलग-अलग संग्रहित करने के निर्देश दिए गए हैं। संग्रहण के बाद कचरे के उचित परिवहन, प्रसंस्करण एवं निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

अधिकारियों एवं मैदानी अमले को ग्राम पंचायतों में संचालित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वच्छता कर्मियों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पृथक-पृथक कचरा संग्रहण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

‘कचरा अलग-अलग, गांव स्वच्छ’ की अवधारणा को बढ़ावा
सेवा संकल्प अभियान-2026 के माध्यम से ‘कचरा अलग-अलग, गांव स्वच्छ’ की अवधारणा को ग्राम स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। जनभागीदारी और ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयासों से ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

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