
साइबर जागृति अभियान के तृतीय सप्ताह में 8 स्थानों पर कार्यक्रम, वरिष्ठ नागरिकों व आम लोगों को दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, 1 सितंबर : साइबर अपराधों से आम नागरिकों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई पुलिस द्वारा संचालित साइबर जागृति अभियान के तृतीय सप्ताह के तहत मंगलवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 8 स्थानों पर व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अभियान के दौरान विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं आम नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, पुलिस, CBI एवं ED अधिकारी बनकर की जाने वाली फर्जी कॉल, वीडियो कॉल के जरिए धमकी तथा ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने नागरिकों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले हथकंडों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल पर घबराकर जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाने की समझाइश दी।
जागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों को बताया गया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई व्यक्ति पुलिस या किसी अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल अथवा फोन पर गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए पैसे की मांग करता है, तो ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
पुलिस ने लोगों से स्पष्ट रूप से कहा कि OTP, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड, PIN अथवा अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने वाले नागरिकों से अपील की कि घटना के बाद समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने अथवा वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है।
जिला पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की अपील की।
KCG पुलिस का संदेश — “आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।”



