
विचाराधीन बंदियों को प्ली बारगेनिंग, एनडीपीएस एक्ट एवं नि:शुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़ : राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के अध्यक्ष विजय कुमार होता के निर्देशानुसार तथा सचिव प्रीति नागवंशी एवं तालुका विधिक सेवा समिति खैरागढ़ के मार्गदर्शन में उप जेल खैरागढ़ में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विचाराधीन बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर ने विचाराधीन बंदियों को प्ली बारगेनिंग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विधि में निर्धारित परिस्थितियों में पात्र अभियुक्त न्यायालय के समक्ष प्ली बारगेनिंग का विकल्प अपना सकता है। उन्होंने छोटे अपराधों में अभियुक्त एवं पीड़ित के बीच विधिक प्रक्रिया के तहत सामंजस्य की संभावनाओं तथा इसके प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के संबंध में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मादक एवं मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध भंडारण, सेवन, परिवहन, खेती, कब्जे, बिक्री, खरीद एवं निर्माण आदि को नियंत्रित किया जाता है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांक्षा खलखो ने विचाराधीन बंदियों को नि:शुल्क एवं सक्षम विधिक सहायता के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर अथवा अन्य निर्धारित पात्रता रखने वाले व्यक्ति न्यायालय में अपने मामले की पैरवी के लिए नि:शुल्क अधिवक्ता की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जो विचाराधीन बंदी निजी अधिवक्ता नियुक्त करने में सक्षम नहीं हैं, वे जेल अधीक्षक के माध्यम से तालुका विधिक सेवा समिति को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पात्र बंदियों के प्रकरण में विधिक सहायता के तहत अधिवक्ता नियुक्त किया जाता है।
उन्होंने विचाराधीन बंदियों के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने तक प्रत्येक आरोपी को निर्दोष माना जाता है। प्रत्येक आरोपी को अपने बचाव का अवसर प्राप्त करना उसका संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार है।
शिविर के दौरान पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू ने आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में भी बंदियों को जानकारी दी तथा लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया एवं इसके लाभों से अवगत कराया।
इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मोहनी कंवर ने उप जेल में बंदियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बंदियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इसके साथ ही उन्होंने बंदी बैरक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष एवं पाकशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
शिविर में जेल अधीक्षक योगेश कुमार बंजारे, पैरालीगल वालंटियर गोलूदास साहू, सिपाही प्रेम सागर साहू, जसवंत कुमार नायक सहित उप जेल में निरुद्ध विचाराधीन बंदी उपस्थित रहे।



