
स्थानीय उत्पादों को मिला बाजार, महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल; अतिथियों ने की खरीदारी

राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 1 नवंबर : राजा फतेह सिंह खेल मैदान में रविवार को जिला स्तरीय सरस मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। मेले में जिले के दोनों विकासखंडों के करीब 64 महिला स्व-सहायता समूहों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। यहां महिलाओं के हुनर, मेहनत और उद्यमशीलता की झलक देखने को मिल रही है। घरेलू उत्पादों से लेकर हस्तशिल्प और जैविक सामग्री तक की प्रदर्शनी के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की पहल की गई है।

कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित मेले का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर, जिला पंचायत सभापति दिनेश वर्मा, जनपद पंचायत छुईखदान अध्यक्ष पुष्पा प्रकाश, पूर्व सभापति धम्मन साहू एवं भागवत शरण सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने फीता काटकर किया। इसके बाद मंच पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
महिलाओं की मेहनत को मिल रहा बाजार
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका खम्मन ताम्रकार ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर और परिश्रम से आत्मनिर्भरता की नई पहचान बना रही हैं। सरस मेले में प्रदर्शित उत्पाद उनकी मेहनत, रचनात्मकता और उद्यमशीलता का उदाहरण हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ समाज में पहचान और सम्मान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने की अपील
कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का बेहतर अवसर है। इससे महिला समूहों को अपने उत्पादों की पहचान बनाने, बाजार तक पहुंचने और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने और महिला समूहों का उत्साह बढ़ाने की अपील की।
पहली बार जिला स्तर पर हो रहा आयोजन
जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि जिले में पहली बार जिला स्तरीय सरस मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिला स्व-सहायता समूहों को उनके उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना तथा उन्हें बाजार से जोड़ना है।
अचार-पापड़ से बांस के हस्तशिल्प तक, दिखी उत्पादों की विविधता
मेले में अचार, पापड़, बड़ी, दीपक, जैविक खाद, पान से बनी मिठाइयां, बांस के हस्तशिल्प, गुलदस्ते, अगरबत्ती, जैविक सब्जियां, दाल और बेसन सहित कई घरेलू एवं स्थानीय उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। महिला समूहों द्वारा तैयार इन उत्पादों में पारंपरिक हुनर के साथ नवाचार की झलक भी देखने को मिल रही है।
अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर महिलाओं से उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता और विपणन की जानकारी ली। उन्होंने उत्पादों की खरीदारी कर महिला समूहों का उत्साहवर्धन भी किया। कार्यक्रम के अंत में उप संचालक राज तिवारी ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर भुनेश्वरी देवांगन, अरुणा राजू सिंह, डॉ. बिसेसर साहू, खम्मन ताम्रकार, शैलेन्द्र त्रिपाठी, शैलेन्द्र मिश्रा, विकेश गुप्ता, विनय देवगान, गोरेलाल वर्मा, नीलिमा गोस्वामी और नीलम राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उमेश तिवारी, दीनानाथ लिल्हारे, नरेश कोमरे, गीतांजलि ठाकुर, बुद्धेश्वर, फिरदौस, रेखा, अर्जुन पटेल, रेणुका, निलकुमारी, पुष्पा, सुनीता, मालती एवं धनेश्वरी कोसरे सहित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। आईएफएससी परियोजना से ऋतुराज तथा सीआरपी दुर्गा, पिंकी वर्मा, ललिता और अमिता सहित बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने सहभागिता की।



