
उद्यमियों और बैंकर्स के बीच बेहतर समन्वय, एमएसएमई विकास एवं निवेश को बढ़ावा देने पर चर्चा
राज नेशनल न्यूज़ खैरागढ़, 24 सितंबर। जिले में औद्योगिक विकास, निवेश और एमएसएमई उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा उद्यमियों को बैंकिंग सुविधाओं एवं ऋण प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से RAMP योजना के अंतर्गत इंडस्ट्री एवं बैंकर्स मीट का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा कलेक्टोरेट सभाकक्ष में किया गया। बैठक में 60 से अधिक उद्यमी, व्यापारी, बैंकर्स एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों सहित व्यापारी समूह एवं एमएसएमई उद्यमियों ने सहभागिता की। इस दौरान बैंक ऋण, एफपीओ एवं एमएसएमई से जुड़े विषयों, ऑनलाइन मार्केटिंग, स्थानीय संसाधनों के उपयोग तथा जिले में नए उद्योगों की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्यमियों को बैंकिंग सुविधाओं एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध सहायता का लाभ लेने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम में सफल उद्यमी पार्तिका महोबिया ने पान से बनने वाले विभिन्न उत्पादों तथा सौरभ जंघेल ने मशरूम उत्पादन से जुड़े अनुभव साझा किए। उद्यमियों ने जिले में उद्योगों के विस्तार, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और रोजगार के अवसर बढ़ाने के संबंध में सुझाव भी रखे।
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत बैंकों को भेजे गए प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैंक ऑफ महाराष्ट्र, गंडई और पंजाब नेशनल बैंक, भण्डारपुर के शाखा प्रबंधकों ने बताया कि उनके द्वारा एक-एक प्रकरण स्वीकृति के लिए उच्च कार्यालय को भेजा गया है।
औद्योगिक विकास के लिए रोडमैप तैयार करने पर जोर
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने 60 से अधिक उद्यमियों एवं व्यापारियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जिले में औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। उद्यमियों, बैंकर्स और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से इन संभावनाओं को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा सकता है।
कलेक्टर ने जिले में पहली बार आयोजित इस प्रकार के आयोजन की सराहना करते हुए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक प्रणय बघेल को आगामी कार्यक्रम को कार्यशाला के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में जिले की औद्योगिक एवं व्यापारिक संभावनाओं पर बिंदुवार प्रस्तुतिकरण और चर्चा की जाए। उद्यमियों, बैंकर्स एवं संबंधित विभागों के सुझावों के आधार पर जिले के औद्योगिक विकास के लिए व्यवस्थित रोडमैप तैयार करने का प्रयास किया जाए, ताकि निवेश, एमएसएमई विकास एवं रोजगार सृजन के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर आगे की कार्ययोजना बनाई जा सके।



